पूरे जबड़े में फिक्स दांत लगाना – उपचार ₹75,000 से शुरू, बेसल इम्प्लांट द्वारा।*
Dr. Mahesh Garg M.D.S.
D.C.I. Registration Number -
Delhi Dental Council A-2293
Certified Implantologist
सिर्फ अच्छा टूथपेस्ट चुनना ही पर्याप्त नहीं है, सही ब्रशिंग तकनीक और नियमित दंत जांच भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। स्वस्थ दांत और मसूड़े बनाए रखने के लिए फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का उपयोग करना चाहिए तथा दिन में कम से कम दो बार ब्रश करना चाहिए।
किसी भी टूथपेस्ट का पूरा लाभ तभी मिलता है जब ब्रश सही तरीके से किया जाए। दांतों और मसूड़ों की सफाई के लिए Modified Bass Technique सबसे प्रभावी ब्रशिंग विधियों में से एक मानी जाती है। यह मसूड़ों की लाइन के पास जमा प्लाक और बैक्टीरिया को हटाने में मदद करती है।
✔ दांतों की सड़न (Cavities) से सुरक्षा
✔ मसूड़ों को स्वस्थ रखने में सहायता
✔ प्लाक और टार्टर बनने को कम करना
✔ मुंह की दुर्गंध को कम करना
✔ दांतों को मजबूत बनाना
✔ संवेदनशीलता (Sensitivity) में राहत
दांतों में ठंडा-गरम लगने वाले मरीज
मसूड़ों से खून आने वाले मरीज
बार-बार कैविटी होने वाले मरीज
इम्प्लांट, क्राउन या ब्रिज वाले मरीज
धूम्रपान करने वाले मरीज
मधुमेह (Diabetes) के मरीज
दिन में दो बार ब्रश करें।
रोजाना फ्लॉस या इंटरडेंटल ब्रश का उपयोग करें।
मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखें।
हर 6 महीने में दंत चिकित्सक से जांच करवाएं।
ब्रश को हर 3 महीने में बदलें।
सही टूथपेस्ट का चयन आपकी उम्र, दांतों की स्थिति, संवेदनशीलता और मसूड़ों के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। यदि आपको बार-बार कैविटी, मसूड़ों की समस्या या संवेदनशीलता रहती है, तो दंत चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
Dr. Mahesh Garg, MDS
Certified Implantologist | 28+ Years Experience