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डेंटल इंप्लांट क्या होता है?
डेंटल इंप्लांट टाइटेनियम से बना कृत्रिम tooth-root होता है, जिस पर fixed tooth/ crown लगाया जाता है।
डेंटल इंप्लांट की जरूरत कब पड़ती है?
एक दांत, कई दांत या पूरे जबड़े के दांत गायब होने पर implant-supported fixed teeth एक विकल्प हो सकते हैं।
डेंटल इंप्लांट कैसे लगाया जाता है?
जांच → X-ray/CBCT → treatment planning → implant placement → fixed teeth.
Basal Implant क्या है?
Basal implants मजबूत cortical bone से anchorage लेने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। कुछ low-bone और immediate-loading cases में इनका उपयोग किया जा सकता है।
Conventional Implant क्या है?
यह widely used implant system है। Case के अनुसार healing period और कभी-कभी bone grafting की आवश्यकता हो सकती है।
Basal vs Conventional Implant
दोनों के अपने indications हैं। कौन-सा बेहतर है, यह bone condition, missing teeth और treatment plan पर निर्भर करता है।
Immediate Loading Implant / तुरंत Fixed Teeth
पर्याप्त primary stability मिलने पर selected cases में implant placement के कुछ दिनों के भीतर fixed teeth दिए जा सकते हैं।
Full Mouth Dental Implants
जिन मरीजों के अधिकतर या सभी दांत खराब/गायब हैं, उनमें implants की सहायता से पूरे जबड़े के fixed teeth बनाए जा सकते हैं।
कम हड्डी में Dental Implant
कम bone होने का मतलब हमेशा implant असंभव होना नहीं है। CBCT और clinical examination के बाद basal या अन्य suitable implant technique चुनी जा सकती है।
Dental Implant कितने समय चलता है?
Implant की longevity oral hygiene, bone health, implant planning, bite, smoking, systemic health और नियमित dental check-up पर निर्भर करती है।
1. दंत प्रत्यारोपण क्या होता है?
दंत प्रत्यारोपण कृत्रिम दाँत की जड़ की तरह काम करता है, जिस पर स्थायी दाँत लगाया जाता है।
2. क्या दंत प्रत्यारोपण से स्थायी दाँत लगाए जा सकते हैं?
हाँ। एक, कई या पूरे जबड़े के गायब दाँतों को प्रत्यारोपण की सहायता से स्थायी दाँतों से बदला जा सकता है।
3. बेसल दंत प्रत्यारोपण क्या होता है?
बेसल प्रत्यारोपण जबड़े की मजबूत हड्डी से सहारा लेने के लिए बनाया जाता है और कुछ कम हड्डी वाले मामलों में भी उपयोगी हो सकता है।
4. क्या कम हड्डी में भी दंत प्रत्यारोपण संभव है?
कई मामलों में हाँ। हड्डी की जाँच के बाद बेसल या अन्य उपयुक्त प्रत्यारोपण विधि का चुनाव किया जा सकता है।
5. क्या दाँत निकालने के तुरंत बाद प्रत्यारोपण लगाया जा सकता है?
चुने हुए मामलों में दाँत निकालने के उसी दिन प्रत्यारोपण लगाया जा सकता है। यह हड्डी और संक्रमण की स्थिति पर निर्भर करता है।
6. क्या प्रत्यारोपण के बाद जल्दी स्थायी दाँत मिल सकते हैं?
पर्याप्त मजबूती मिलने पर कुछ चुने हुए मामलों में प्रत्यारोपण लगाने के कुछ दिनों के भीतर स्थायी दाँत दिए जा सकते हैं।
7. क्या पूरे मुँह के दाँत प्रत्यारोपण से लगाए जा सकते हैं?
हाँ। अधिकतर या सभी दाँत खराब अथवा गायब होने पर प्रत्यारोपण की सहायता से पूरे जबड़े के स्थायी दाँत लगाए जा सकते हैं।
8. क्या मधुमेह के मरीज दंत प्रत्यारोपण लगवा सकते हैं?
नियंत्रित मधुमेह वाले कई मरीजों में उचित जाँच और उपचार योजना के बाद दंत प्रत्यारोपण संभव हो सकता है।
9. दंत प्रत्यारोपण कितने वर्षों तक चलता है?
इसकी आयु हड्डी की स्थिति, मुँह की सफाई, उपचार की गुणवत्ता, चबाने की आदतों और नियमित दंत जाँच पर निर्भर करती है।
10. मेरे लिए कौन-सा दंत प्रत्यारोपण सही रहेगा?
यह हड्डी की मात्रा और गुणवत्ता, गायब दाँतों की संख्या, मुँह की स्थिति और आपकी स्वास्थ्य स्थिति की जाँच के बाद तय किया जाता है।
डेंटल इम्प्लांट की मदद से टूटे हुए, हिलते हुए या गायब दांतों की जगह मजबूत और फिक्स दांत लगाए जा सकते हैं। इम्प्लांट जबड़े की हड्डी में लगाया जाता है और उसके ऊपर फिक्स दांत लगाए जाते हैं।
दांत फिक्स रहते हैं, बार-बार निकालने की जरूरत नहीं।
खाने और चबाने में बेहतर स्थिरता मिलती है।
एक दांत से लेकर पूरे जबड़े के दांत लगाए जा सकते हैं।
कई मामलों में कम हड्डी में भी उपचार के विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं।
बेसल इम्प्लांट में चयनित मामलों में जल्दी फिक्स दांत दिए जा सकते हैं।
चेहरे और मुस्कान की प्राकृतिक बनावट बेहतर करने में मदद मिल सकती है।
आसपास के स्वस्थ दांतों को घिसने की आवश्यकता कई मामलों में नहीं होती।
सही देखभाल और नियमित चेकअप के साथ इम्प्लांट लंबे समय तक चल सकते हैं।
चयनित मामलों में खराब या हिलते हुए दांत निकालने के बाद इम्प्लांट लगाकर कम समय में फिक्स दांत दिए जा सकते हैं। उपचार का समय मरीज की हड्डी, स्वास्थ्य और क्लिनिकल स्थिति पर निर्भर करता है।
यदि पूरे जबड़े के दांत खराब या गायब हैं, तो कई इम्प्लांट की सहायता से पूरे जबड़े में फिक्स दांत लगाए जा सकते हैं। बेसल इम्प्लांट, ऑल-ऑन-4, ऑल-ऑन-6 या अन्य तकनीक का चुनाव जांच और एक्स-रे के बाद किया जाता है।
निकालने वाले दांतों से छुटकारा — इम्प्लांट के साथ पाएं मजबूत, स्थिर और फिक्स दांत।
बिल्कुल।
सही डॉक्टर केवल इम्प्लांट नहीं लगाता, बल्कि आपकी हड्डी, मसूड़ों, स्वास्थ्य और चबाने की क्षमता का मूल्यांकन करके सही उपचार योजना बनाता है।
डॉ. महेश गर्ग (MDS)
एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर से शिक्षा
1998 से दंत चिकित्सा सेवा
Dr. Rohan Virani से प्रमाणित Implantologist
आधुनिक Basal Implant तकनीक
दांतों एवं मसूड़ों की जांच मरीज की आवश्यकता अनुसार उपचार योजना
खराब या हिलते दांतों को हटाना, संक्रमण की सफाई
मजबूत कॉर्टिकल हड्डी में इम्प्लांट फिक्स करना
कई मामलों में बिना चीरा एवं बिना टांका उपचार संभव
दांतों की माप लेना, सही फिटिंग एवं चबाने की स्थिति तय करना
8–10 इम्प्लांट पर 14 फिक्स दांत लगाए जा सकते हैं
कई मामलों में सिर्फ 3 दिन में स्थायी फिक्स दांत संभव
यदि आपके पूरे जबड़े के दांत निकल चुके हैं या बहुत कमजोर हो गए हैं, तो Basal Implant Technology द्वारा उचित मरीजों में
✔ आमतौर पर 3–4 दिनों में*
✔ कम हड्डी की स्थिति में भी कई मामलों में संभव
✔ बिना बड़े चीरे के ✔ बिना टांकों के
✔ कई मामलों में बोन ग्राफ्ट या साइनस लिफ्ट की आवश्यकता नहीं
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Final treatment recommendations and costs depend on individual evaluation.